भारत की एक ऐसी ट्रेन जिसमे सफर करने में नहीं लगता सालो से एक भी किराया

Mumbai

भारत में ट्रेन को सफर के लिए सबसे ज्यादा उपयोग किया जाता है जितनी लंबी और कंफर्ट यात्रा होती है उसके लिए यात्रियों का ज्यादा अच्छा पैसा भी लगता है । पर आज हम बताने जा रहे है भारत की एक ऐसी ट्रेन के बारे में जिसमें सफर करने पर किसी भी यात्री को टिकट लेने की कोई जरूरत नहीं है।

यह ट्रेन पंजाब से हिमाचल बॉर्डर पर चलती है इससे आप काफी मनमोहक दृश्य का आनंद ले सकते हैबिसेस आप भाकरा डैम के वादियों के दृस्य का लुफ्त आराम से उठा सकते हैं इस ट्रेन में 25 गावो के लोग 73सालो से फ्री में कर रहे है ।

 

वर्ष 1945 में भाकरा डैम बनाए के लिए बातचीत शुरू हुई तथा 1946 में इस बान्ध को बनाने का कार्य शुरू हो चुका है इस बांध का निर्माण कार्य अमेरिका के इंजीनियर हार्वे स्लोकेम की निगरानी में पूरा हुआ । वर्ष 1963 में यह बांध पूरी तरह से खड़ा हो गया।

 

यह ट्रेन डीजल इंजन वाली है और इसमे प्रतिदिन 50 लीटर से ज्यादा डीजल का खपत होता है। इस ट्रेन में पहले 10 बोगियां हुआ करती थी अब इसे घटा कर मात्र तीन बोगी कर दिया है जिसमे एक कंपार्टमेंट महिला का और एक टूरिस्ट के लिए दिया गया है

 

यह ट्रेन नांगल से सुबह 07.05 बजे चलती है और फिर 08.20 पर वापस भाखड़ा से नांगल की ओर ही चलती है। उसके बाद यह ट्रेन फिर से नांगल से दोपहर 03.05 पर भाखड़ा के लिए निकलती है और 04.20 पर वापस जाती है। नांगल से भाखड़ा तक का सफर तय करने में 40 मिनट का समय लगता है

 

इस ट्रेन को फ्री में चलाने का उद्देश्य यह है ताकि टूरिस्ट को भकरा डैम के वादियों के खूबसूरती के बारे में पता चला और वे इसका लुफ्त उठा सके ।

Leave a Reply

Your email address will not be published.